लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों को बड़ी राहत और प्रोत्साहन देते हुए 53 प्रोन्नत पीसीएस अधिकारियों (एसडीएम) को उच्च ग्रेड-पे का लाभ देने का फैसला किया है। नियुक्ति विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत पांच वर्ष की नियमित और संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले अधिकारियों को अब उच्च वेतनमान का लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के इस फैसले से विभिन्न जिलों में तैनात वर्ष 2020 बैच के प्रोन्नत उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) की वेतन संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। आदेश नियुक्ति विभाग के विशेष सचिव अवनीश सक्सेना की ओर से जारी किया गया है।
पांच साल की सेवा पूरी करने पर मिला लाभ
नियुक्ति विभाग के आदेश के अनुसार, जिन अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सिविल सेवा में पांच वर्ष की नियमित एवं संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें उच्च ग्रेड-पे का लाभ प्रदान किया जाएगा। यह सुविधा निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले अधिकारियों को उनके नाम के सामने अंकित तिथि से प्रभावी होगी।
अब तक ये अधिकारी 15,600 रुपये से 39,100 रुपये के वेतनमान और 5,400 रुपये ग्रेड-पे के तहत कार्यरत थे। सेवा अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अगले वेतन स्तर में पदोन्नति का लाभ दिया गया है।
6600 रुपये ग्रेड-पे का मिलेगा फायदा
सरकार की मंजूरी के बाद पात्र एसडीएम अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से 6,600 रुपये ग्रेड-पे का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उनका वेतनमान लेवल-11 श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
नई वेतन संरचना के अनुसार संबंधित अधिकारियों को 67,700 रुपये से लेकर 2,08,700 रुपये तक के वेतनमान का लाभ मिलेगा। इससे उनके मासिक वेतन और अन्य सेवा संबंधी वित्तीय लाभों में भी वृद्धि होगी।
प्रशासनिक अधिकारियों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके अधिकारियों को अब उच्च वेतनमान का लाभ मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा और सेवा शर्तों में भी सुधार होगा।
नियुक्ति विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद संबंधित जिलों में तैनात अधिकारियों की वेतन निर्धारण प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है।
53 अधिकारियों की सूची जारी
सरकार द्वारा जारी आदेश में 53 पात्र प्रोन्नत पीसीएस अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिन्हें निर्धारित तिथि से उच्च ग्रेड-पे और लेवल-11 वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। विभागीय स्तर पर इसके अनुपालन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
